बाल संरक्षण माह 2026: जशपुर में 78,370 बच्चों के लिए स्वास्थ्य एवं पोषण अभियान
वर्तमान घटना: बाल संरक्षण माह 2026
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में 18 अगस्त 2026 को बाल संरक्षण माह (Shishu Suraksha Maas) की शुरुआत की गई। जिला अस्पताल, जशपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. गौरव सिंह और डॉ. गीतांजलि तिवारी ने बच्चों को Vitamin-A की खुराक देकर अभियान का शुभारंभ किया।
यह अभियान 18 अगस्त से 24 सितंबर 2026 तक संचालित किया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों को केवल विटामिन-A देना नहीं, बल्कि एक ही सेवा-प्रणाली के माध्यम से पोषण, टीकाकरण, वृद्धि की निगरानी, एनीमिया नियंत्रण और कुपोषण की पहचान जैसी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराना है।
जशपुर जिले में इस अभियान के तहत 78,370 बच्चों को Vitamin-A की खुराक देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पूरे जिले में 2,766 सत्र आयोजित किए जाएंगे।
जशपुर अभियान के प्रमुख तथ्य
- अभियान अवधि: 18 अगस्त–24 सितंबर 2026
- Vitamin-A के लिए लक्षित बच्चे: 78,370
- कुल निर्धारित सत्र: 2,766
- Vitamin-A: 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों के लिए
- IFA सिरप: 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों के लिए
- अन्य सेवाएं: टीकाकरण, वजन मापन, पोषण परामर्श
- गंभीर कुपोषण: आवश्यकतानुसार NRC में रेफरल
- सेवा मंच: Village Health and Nutrition Day (VHND)
बाल संरक्षण माह क्या है?
बाल संरक्षण माह (Shishu Suraksha Maas) बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ा एक विशेष अभियान है, जिसके माध्यम से समुदाय स्तर पर छोटे बच्चों तक आवश्यक स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएं पहुंचाई जाती हैं।
छत्तीसगढ़ में इस पहल के अंतर्गत Vitamin-A, Iron-Folic Acid (IFA), टीकाकरण, वृद्धि की निगरानी, पोषण संबंधी सलाह और कुपोषण की पहचान जैसे कार्यों को एक साथ जोड़ा जाता है।
इस प्रकार अभियान का व्यापक उद्देश्य बच्चों में सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी, एनीमिया और कुपोषण की समस्या को कम करना तथा उनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता, वृद्धि और समग्र विकास को बेहतर बनाना है।
पृष्ठभूमि: भारत में बाल पोषण नीति का विकास
भारत में बाल स्वास्थ्य की नीति समय के साथ केवल बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं रही है। अब इसमें पोषण, रोकथाम, टीकाकरण, प्रारंभिक पहचान और सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं को भी शामिल किया गया है।
इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम विकसित हुए हैं:
- एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS)
- ICDS के माध्यम से आंगनबाड़ी केन्द्रों को बच्चों और माताओं तक पोषण एवं प्रारंभिक बाल विकास सेवाएं पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनाया गया।
- सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (UIP)
- इसका उद्देश्य बच्चों को विभिन्न टीका-रोकथाम योग्य बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करना और टीकाकरण कवरेज को व्यापक बनाना है।
- Vitamin-A Supplementation
- बच्चों में Vitamin-A की कमी को रोकने के लिए निर्धारित आयु वर्ग में Vitamin-A की खुराक दी जाती है।
- Iron-Folic Acid Supplementation
- IFA supplementation का उद्देश्य आयरन की कमी और एनीमिया को रोकने तथा नियंत्रित करने में सहायता करना है।
- Village Health and Nutrition Day
- VHND के माध्यम से स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी सेवाओं को गांवों और समुदायों के करीब पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।
- Nutrition Rehabilitation Centres
- गंभीर कुपोषण वाले बच्चों को आवश्यकता पड़ने पर विशेष पोषण एवं चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराने के लिए NRC महत्वपूर्ण हैं।
- POSHAN आधारित हस्तक्षेप
- भारत की पोषण नीति में अब विभिन्न विभागों के बीच convergence यानी अभिसरण पर अधिक जोर दिया जा रहा है।
Vitamin-A Supplementation का राष्ट्रीय संदर्भ
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत Vitamin-A supplementation कार्यक्रम में 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को शामिल किया जाता है।
राष्ट्रीय कार्यक्रम के अनुसार पांच वर्ष की आयु तक कुल 9 prophylactic doses का प्रावधान है:
- 9 माह पर — 1 लाख IU
- इसके बाद निर्धारित अंतराल पर — 2 लाख IU
- पांच वर्ष की आयु तक — कुल 9 खुराक
छत्तीसगढ़ में Shishu Suraksha Maas को समझें
छत्तीसगढ़ में Shishu Suraksha Maas को बच्चों तक आवश्यक पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने वाले सामुदायिक कार्यक्रम के रूप में देखा जा सकता है।
राज्य की योजना संबंधी जानकारी के अनुसार यह कार्यक्रम वर्ष में दो बार आयोजित किया जाता है। इसमें मुख्य रूप से:
- 9–59 माह के बच्चों के लिए Vitamin-A
- 6–59 माह के बच्चों के लिए IFA
- स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस के माध्यम से सेवा वितरण
पर ध्यान दिया जाता है।
इस कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है एकीकृत सेवा वितरण।
अर्थात बच्चे को केवल कोई एक supplement देने के बजाय उसके स्वास्थ्य और पोषण की व्यापक स्थिति पर ध्यान दिया जाता है।
प्रमुख विशेषताएं
- Vitamin-A supplementation
- IFA supplementation
- बच्चों का वजन मापना
- वृद्धि एवं पोषण स्थिति की निगरानी
- कुपोषित बच्चों की पहचान
- SAM बच्चों का रेफरल
- टीकाकरण की स्थिति की जांच
- छूटे हुए टीकों की पहचान
- अभिभावकों को पोषण संबंधी परामर्श
- स्तनपान संबंधी जागरूकता
- छह माह के बाद उचित complementary feeding की जानकारी
- आंगनबाड़ी एवं सामुदायिक स्वास्थ्य तंत्र के माध्यम से सेवा उपलब्ध कराना
बाल संरक्षण माह के दौरान सेवाएं कैसे संचालित होती हैं?
इस अभियान को एक क्रमबद्ध प्रक्रिया के रूप में समझा जा सकता है।
- चरण 1: बच्चों का सामुदायिक स्तर पर mobilization
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा और अन्य frontline workers पात्र बच्चों के परिवारों को निर्धारित सत्र में आने के लिए प्रेरित करते हैं।
- चरण 2: स्वास्थ्य एवं पोषण जांच
- सत्र में बच्चे का वजन लिया जाता है और उसकी स्वास्थ्य एवं पोषण स्थिति का प्रारंभिक आकलन किया जाता है।
- चरण 3: आवश्यक supplementation
- निर्धारित आयु वर्ग के बच्चों को Vitamin-A और IFA syrup उपलब्ध कराया जाता है।
- चरण 4: टीकाकरण की स्थिति देखना
- बच्चे के टीकाकरण रिकॉर्ड की समीक्षा की जाती है और यदि कोई टीका due है, तो संबंधित स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई जाती है।
- चरण 5: परिवार को पोषण संबंधी सलाह
- अभिभावकों को स्तनपान, complementary feeding, संतुलित आहार और बच्चों की उम्र के अनुसार पोषण की जानकारी दी जाती है।
- चरण 6: गंभीर मामलों का रेफरल
- यदि बच्चा गंभीर कुपोषण या अन्य स्वास्थ्य समस्या से प्रभावित पाया जाता है, तो उसे आवश्यकता के अनुसार स्वास्थ्य सुविधा या Nutrition Rehabilitation Centre (NRC) भेजा जाता है।
Vitamin-A क्यों महत्वपूर्ण है?
Vitamin-A बच्चों के सामान्य विकास और रोग-प्रतिरोधक क्षमता के लिए आवश्यक micronutrient है।
यह मुख्य रूप से:
- दृष्टि को सामान्य बनाए रखने,
- शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के कार्य,
- ऊतकों के स्वास्थ्य,
- सामान्य वृद्धि एवं विकास
में भूमिका निभाता है।
Vitamin-A की कमी होने पर बच्चों में संक्रमण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ सकती है तथा आंखों से संबंधित समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
CGPSC Prelims Fact
राष्ट्रीय Vitamin-A supplementation programme में:
- पहली खुराक: 9 माह पर 1,00,000 IU
- बाद की खुराक: निर्धारित schedule के अनुसार 2,00,000 IU
- कुल: पांच वर्ष तक 9 खुराक
Iron और Folic Acid का महत्व
Iron शरीर में haemoglobin के निर्माण के लिए आवश्यक है। हीमोग्लोबिन शरीर के विभिन्न हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Iron deficiency से anaemia हो सकता है। बच्चों में लंबे समय तक एनीमिया रहने से उनकी शारीरिक वृद्धि, सीखने की क्षमता और सामान्य विकास प्रभावित हो सकता है।
Folic acid कोशिका विभाजन और रक्त निर्माण जैसी जैविक प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
जशपुर अभियान में आयु वर्ग
| सेवा | लक्षित आयु वर्ग |
|---|---|
| Vitamin-A | 9 माह–5 वर्ष |
| IFA Syrup | 6 माह–5 वर्ष |
प्रमुख संस्थाएं और हितधारक
- स्वास्थ्य विभाग
- स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण, supplementation और संबंधित सार्वजनिक स्वास्थ्य गतिविधियों के संचालन में प्रमुख भूमिका निभाता है।
- महिला एवं बाल विकास विभाग
- आंगनबाड़ी तंत्र, पोषण सेवाओं और बाल विकास से संबंधित गतिविधियों में महत्वपूर्ण भागीदारी करता है।
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
- इनकी भूमिका में शामिल हैं:
- परिवारों को mobilize करना
- पोषण संबंधी counselling
- बच्चों की growth monitoring
- जोखिम वाले बच्चों की पहचान
- आवश्यकतानुसार referral में सहयोग
- इनकी भूमिका में शामिल हैं:
- ANM और अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ता
- टीकाकरण, supplementation, screening और स्वास्थ्य सेवाओं के वितरण में सहयोग करते हैं।
- ASHA कार्यकर्ता
- ASHA कार्यकर्ता समुदाय में जागरूकता, परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने तथा follow-up में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- Nutrition Rehabilitation Centres
- NRC उन बच्चों के लिए विशेष पोषण एवं चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराने का माध्यम है जिन्हें गंभीर कुपोषण के कारण facility-based management की आवश्यकता होती है।
जशपुर बाल संरक्षण माह 2026: महत्वपूर्ण आंकड़े
जशपुर जिले में Vitamin-A supplementation के लिए कुल 78,370 बच्चों को लक्षित किया गया है।
विकासखंडवार Vitamin-A लक्ष्य
| विकासखंड | लक्षित बच्चे |
| Patthalgaon | 19,571 |
| Farsabahar | 8,456 |
| Kansabel | 5,982 |
| Bagicha | 15,848 |
| Kunkuri | 9,294 |
| Duldula | 3,420 |
| Jashpur | 9,580 |
| Manora | 6,219 |
| कुल | 78,370 |
Prelims Fact: Patthalgaon का Vitamin-A target सबसे अधिक है, जबकि Duldula का target इन आंकड़ों में सबसे कम है।
2,766 स्वास्थ्य एवं पोषण सत्र
अभियान के दौरान जिले में कुल 2,766 sessions आयोजित किए जाएंगे।
| विकासखंड | निर्धारित सत्र |
| Patthalgaon | 485 |
| Farsabahar | 360 |
| Kansabel | 288 |
| Bagicha | 630 |
| Kunkuri | 320 |
| Duldula | 129 |
| Lodam | 324 |
| Manora | 230 |
| कुल | 2,766 |
Prelims Fact: दिए गए आंकड़ों में Bagicha में सर्वाधिक 630 सत्र तथा Duldula में सबसे कम 129 सत्र निर्धारित हैं।
अभियान की निर्धारित तिथियां
जशपुर जिले में अभियान के अंतर्गत निर्धारित सत्र इन तिथियों पर होंगे:
- अगस्त 2026
- 18, 21, 25 और 29 अगस्त
- सितंबर 2026
- 1, 5, 8, 11, 16, 18, 21 और 24 सितंबर
इससे स्पष्ट होता है कि अभियान एक बार की गतिविधि न होकर निश्चित अंतराल पर चलने वाला service-delivery schedule है।
बाल संरक्षण माह का महत्व
सामाजिक महत्व
बच्चों के पोषण की स्थिति उनके स्वास्थ्य, सीखने की क्षमता और भविष्य के मानव संसाधन विकास को प्रभावित करती है।
इस अभियान से:
- कुपोषण की प्रारंभिक पहचान में मदद मिलती है।
- बच्चों को आवश्यक micronutrients उपलब्ध कराए जाते हैं।
- टीकाकरण सेवाओं को मजबूत करने का अवसर मिलता है।
- परिवारों को बेहतर feeding practices के बारे में जानकारी मिलती है।
- ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर होती है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से महत्व
बाल संरक्षण माह preventive healthcare को समुदाय तक ले जाने का माध्यम है।
इसके प्रमुख लाभ हैं:
- जोखिम वाले बच्चों की जल्दी पहचान
- Vitamin-A deficiency की रोकथाम
- anaemia control को समर्थन
- टीकाकरण coverage में सुधार
- गंभीर कुपोषित बच्चों का समय पर referral
- स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं का convergence
शासन एवं प्रशासन के दृष्टिकोण से महत्व
बाल पोषण केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा और परिवार की देखभाल से जुड़े अनेक कारक महत्वपूर्ण हैं।
इसलिए Shishu Suraksha Maas में inter-departmental convergence का महत्व बढ़ जाता है
प्रमुख चुनौतियां
- Last-Mile Delivery
- दूरस्थ और भौगोलिक रूप से कठिन क्षेत्रों में प्रत्येक पात्र बच्चे तक पहुंच बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
- अभिभावकों की भागीदारी
- सरकारी सेवा उपलब्ध होने के बावजूद यदि परिवार निर्धारित सत्र में बच्चे को नहीं लाते, तो coverage प्रभावित हो सकता है।
- कुपोषण की सही पहचान
- केवल वजन के आधार पर बच्चे की संपूर्ण पोषण स्थिति निर्धारित नहीं की जा सकती। आवश्यकता के अनुसार आयु, ऊंचाई/लंबाई, वजन और अन्य clinical parameters का भी उपयोग किया जाना चाहिए।
- Referral के बाद Follow-up
- NRC में उपचार के बाद बच्चे की स्थिति की निगरानी और घर पर उचित पोषण सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
- एनीमिया की दीर्घकालिक समस्या
- एनीमिया का समाधान केवल अल्पकालिक अभियान से नहीं हो सकता। इसके लिए supplementation, screening, treatment और बेहतर dietary practices का निरंतर संयोजन आवश्यक है।
सरकार की प्रमुख पहल और उपाय
- Vitamin-A Supplementation Programme
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों के लिए prophylactic Vitamin-A supplementation programme संचालित किया जाता है।
- Anaemia Mukt Bharat
- Anaemia Mukt Bharat का उद्देश्य एनीमिया की रोकथाम, पहचान और उपचार को मजबूत करना है। इसके अंतर्गत IFA supplementation, screening और treatment जैसे उपाय शामिल हैं।
- Anganwadi और POSHAN व्यवस्था
- आंगनबाड़ी केन्द्र बच्चों के पोषण, growth monitoring, counselling और community-level interventions के लिए महत्वपूर्ण आधारभूत तंत्र हैं।
- Nutrition Rehabilitation Centres
- SAM से प्रभावित और विशेष प्रबंधन की आवश्यकता वाले बच्चों को NRC में nutritional और medical care उपलब्ध कराया जाता है।
छत्तीसगढ़ के संदर्भ में बाल संरक्षण माह
छत्तीसगढ़ में बाल स्वास्थ्य एवं पोषण का विषय विशेष महत्व रखता है क्योंकि राज्य के अनेक क्षेत्रों में ग्रामीण एवं जनजातीय आबादी निवास करती है और कुछ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की last-mile accessibility चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
इस संदर्भ में community-based health platforms महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
छत्तीसगढ़ के लिए प्रमुख आयाम
- ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच
- जनजातीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में outreach
- आंगनबाड़ी केन्द्रों की भूमिका
- VHND के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण
- NRC के माध्यम से गंभीर कुपोषण का उपचार
- Health और Women & Child Development विभागों के बीच convergence
- breastfeeding और complementary feeding
- household dietary diversity
- sanitation एवं maternal health
जशपुर को Case Study के रूप में समझें
2026 का जशपुर अभियान छत्तीसगढ़ में district-level child-health implementation का उपयोगी उदाहरण है।
2,766 सत्र → 78,370 लक्षित बच्चे → Vitamin-A + IFA + टीकाकरण + वजन निगरानी + counselling + referral
भारत का संवैधानिक दृष्टिकोण
बाल स्वास्थ्य और पोषण को भारतीय संविधान में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से संरक्षण प्राप्त है।
- Article 21
- जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संरक्षण करता है। न्यायिक व्याख्या ने इसके दायरे को गरिमापूर्ण जीवन जैसे व्यापक पहलुओं से जोड़ा है।
- Article 39(e)
- राज्य को यह सुनिश्चित करने की दिशा देता है कि बच्चों और श्रमिकों का स्वास्थ्य एवं शक्ति प्रतिकूल परिस्थितियों से प्रभावित न हो।
- Article 39(f)
- बच्चों को स्वस्थ विकास के लिए अवसर एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा उन्हें शोषण एवं परित्याग से बचाने पर बल देता है।
- Article 45
- छह वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए early childhood care and education की दिशा में राज्य के प्रयासों से संबंधित है।
- Article 47
- राज्य का दायित्व है कि वह पोषण के स्तर, जीवन स्तर और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार की दिशा में कार्य करे।
अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य
बाल स्वास्थ्य और पोषण वैश्विक विकास लक्ष्यों से भी जुड़े हुए हैं।
- SDG 2 – Zero Hunger
- इसका संबंध भूख समाप्त करने, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और पोषण में सुधार से है।
- SDG 3 – Good Health and Well-being
- सभी आयु वर्गों में स्वस्थ जीवन और बेहतर well-being सुनिश्चित करना इसका प्रमुख उद्देश्य है।
- बाल मृत्यु दर कम करने और बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए केवल चिकित्सा उपचार पर्याप्त नहीं है। इसके साथ:
- पर्याप्त पोषण
- टीकाकरण
- स्तनपान
- स्वच्छता
- खाद्य सुरक्षा
- सामाजिक सुरक्षा
- जैसे क्षेत्रों में भी समानांतर प्रयास आवश्यक हैं।
महत्वपूर्ण संस्थाएं और कार्यक्रम
| संस्था/कार्यक्रम | प्रमुख भूमिका |
| National Health Mission (NHM) | विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का क्रियान्वयन |
| Ministry of Health & Family Welfare | राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीतियों एवं कार्यक्रमों का प्रमुख केंद्रीय मंत्रालय |
| Ministry of Women & Child Development | बाल विकास एवं पोषण से संबंधित प्रमुख संस्थागत भूमिका |
| Anganwadi Centre | सामुदायिक स्तर पर पोषण एवं प्रारंभिक बाल विकास सेवाएं |
| VHND | ग्रामीण/सामुदायिक स्तर पर स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं का outreach platform |
| Nutrition Rehabilitation Centre | गंभीर कुपोषण वाले बच्चों के लिए विशेष nutritional एवं medical care |
| POSHAN Abhiyaan | पोषण परिणामों में सुधार के लिए convergence आधारित दृष्टिकोण |
| Anaemia Mukt Bharat | एनीमिया की रोकथाम, screening एवं treatment |
निष्कर्ष
बाल संरक्षण माह को केवल Vitamin-A वितरण की गतिविधि के रूप में देखना इसके व्यापक उद्देश्य को सीमित कर देगा। यह अभियान बच्चों के पोषण, प्रतिरक्षण, वृद्धि की निगरानी, एनीमिया नियंत्रण, कुपोषण की पहचान और स्वास्थ्य परामर्श को एक साथ जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
जशपुर जिले में 2026 का अभियान इस बात का उदाहरण है कि किस प्रकार district-level health administration के माध्यम से राष्ट्रीय और राज्य की बाल स्वास्थ्य प्राथमिकताओं को गांव एवं समुदाय तक पहुंचाया जा सकता है।
CGPSC Prelims Practice Questions
प्रश्न 1
बाल संरक्षण माह / Shishu Suraksha Maas के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- अभियान में Vitamin-A supplementation के लिए 9 माह से बच्चों को शामिल किया जाता है।
- IFA supplementation के लिए 6 माह की आयु से बच्चों को लक्षित किया जाता है।
- यह कार्यक्रम केवल Vitamin-A वितरण तक सीमित है।
- गंभीर तीव्र कुपोषण वाले बच्चों को आवश्यकता के अनुसार Nutrition Rehabilitation Centre भेजा जा सकता है।
उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
A. केवल 1 और 2
B. केवल 1, 2 और 4
C. केवल 2, 3 और 4
D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: B. केवल 1, 2 और 4
प्रश्न 2
निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही रूप से सुमेलित है?
- अनुच्छेद 39(f) — बच्चों के स्वस्थ विकास से संबंधित
- अनुच्छेद 45 — प्रारंभिक बाल देखभाल एवं शिक्षा
- अनुच्छेद 47 — पोषण एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य
- अनुच्छेद 21 — केवल Vitamin-A supplementation से संबंधित नीति-निर्देशक तत्व
कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
A. केवल 1, 2 और 3
B. केवल 1 और 4
C. केवल 2 और 3
D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: A. केवल 1, 2 और 3
CGPSC Mains Practice Questions
प्रश्न 1
“बाल पोषण कार्यक्रमों को केवल supplementation आधारित दृष्टिकोण से आगे बढ़ाकर समग्र स्वास्थ्य एवं मानव पूंजी विकास के दृष्टिकोण से देखना आवश्यक है।” छत्तीसगढ़ के संदर्भ में चर्चा कीजिए।
प्रश्न 2
ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में बाल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में VHND और आंगनबाड़ी केन्द्रों की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
One-Minute Revision
- विषय: बाल संरक्षण माह / Shishu Suraksha Maas
- स्थान: जशपुर, छत्तीसगढ़
- शुभारंभ: 18 अगस्त 2026
- अभियान अवधि: 18 अगस्त–24 सितंबर 2026
- Vitamin-A Target: 78,370 बच्चे
- कुल सत्र: 2,766
- Vitamin-A Age Group: 9 माह–5 वर्ष
- IFA Age Group: 6 माह–5 वर्ष
- राष्ट्रीय Vitamin-A Schedule: 5 वर्ष तक 9 doses
- 9 माह की dose: 1 लाख IU
- बाद की निर्धारित dose: 2 लाख IU
- प्रमुख सेवाएं: Vitamin-A, IFA, immunization, weight monitoring और counselling
- SAM Referral: Nutrition Rehabilitation Centre
- मुख्य Community Platform: VHND
- महत्वपूर्ण संवैधानिक अनुच्छेद: Article 47
- Jashpur Case Study: 78,370 बच्चों और 2,766 sessions का लक्ष्य
- मुख्य प्रशासनिक अवधारणा: Convergence + Last-mile healthcare
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